. . . तुम्हें कभी हताश नहीं होना चाहिये । या अगर तुम बहुत बार भूल कर चुके हो तो भी तुम्हें कभी भूल न करने की इच्छा रखनी चाहिये ; और तुम्हें इस बात का पक्का विश्वास होना चाहिये कि अगर तुम अपने संकल्प पर डटे रहो, तो एक-न-एक दिन तुम कठिनाई पर विजय प्राप्त कर लोगे।
संदर्भ : प्रश्न और उत्तर १९५४
तुम पानी में गिर पड़ते हो। वह विपुल जलराशि तुम्हें भयभीत नहीं करती। तुम हाथ-पांव…
अंदर की बेचैनी ही तुम्हें आंतरिक और बाह्य रूप से नींद लेने से रोकती है।…
तुम्हें डरना नहीं चाहिये। तुम्हारी अधिकतर कठिनाइयां भय से आती है। वास्तव में, ९० प्रतिशत…
श्रीअरविंद ने कितनी ही बार इस बात को दोहराया है कि परमात्मा हास्यप्रिय हैं और…