मेरे मौन और विनम्र पूजा-भाव के साथ प्रणाम … ।
मैं तेरी महिमा के आगे नमन करती हूँ क्योंकि वह अपनी सारी भव्यता के साथ मुझ पर छा जाती है ।…
कृपा कर कि मैं तेरे चरणों में घुल-मिल जाऊँ, तेरे अंदर गल जाऊँ !
संदर्भ : प्रार्थना और ध्यान
क्या अपने-आपको बुरा-भला कहना प्रगति करने का अच्छा उपाय है ? अपने-आपको बुरा भला-भला…
मधुर माँ, हम स्वप्न में अच्छे और बुरे में कैसे फ़र्क़ कर सकते हैं। सिद्धांत…
(अधिकतर साधक) अहंकारी होते हैं और वे अपने अहंभाव को अनुभव या स्वीकार नहीं करते।…