श्रेणियाँ श्री माँ के वचन

जप का क्या उपयोग ?

मधुर मां,

जप का क्या उपयोग है? जब हम ध्यान के लिए बैठें तो क्या अपने अन्दर शान्ति और नीरवता प्रतिष्ठित करने के लिए ‘शान्ति’ और ‘नीरवता’ शब्दों का जप एक अच्छा तरीका है?

 

केवल शब्दों के रटने से कोई विशेष लाभ नहीं हो सकता।

प्राचीन और परम्परागत जप हैं जिनका उद्देश्य होता है, निम्नतर मन को वश में करना और उच्चतर शक्तियों या देवों के साथ सम्बन्ध जोड़ना। ये किसी गुरु के दिये होने चाहियें जो साथ-ही-साथ उनमें चरितार्थता की शक्ति भी भर सकें। ये ऐसे लोगों के लिए ही उपयोगी होते हैं जो तीव्र योग करना चाहते हैं और दिन में पांच-छः घण्टे योग-साधना में लगाना चाहते जिस तरह के जप की तुम बात कर रहे हो उसका प्रभाव तामसिक मन्दता पैदा करने के सिवा कुछ नहीं हो सकता, उसे मानसिक नीरवता
समझने की भूल न करनी चाहिये।

संदर्भ : श्रीमातृवाणी (खण्ड-१६)

शेयर कीजिये

नए आलेख

प्रभो, वर दे!

उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…

% दिन पहले

तीन शर्तें

भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…

% दिन पहले

भगवान तुम्हारे साथ हैं

यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…

% दिन पहले

चिंता

चिंता करना जहर का प्याला पीने के समान है । संदर्भ : पथ पर 

% दिन पहले

महान अंत ? या महान आरंभ?

जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…

% दिन पहले

यादें

हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर 'अनन्तता' के…

% दिन पहले