मैं रो रहा हूँ। न जाने क्यों ।
मन करें तो रो लो। परंतु चिंता मत करो। वर्षा के बाद सूर्य ज़्यादा तेजी से चमकता है ।
संदर्भ : श्रीमातृवाणी (खंड-१६)
श्रीअरविन्द सूक्ष्म-भौतिक में निरन्तर रहते हैं और वहां बहुत सक्रिय हैं। मैं प्रायः रोज उनसे…
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…