श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ क्रिसमस पर्व पर
श्रीमाँ को अपने अंदर कार्य करने देने के लिए मुझे कौन सा व्यक्तिगत प्रयास करने की आवश्यकता है ?
आवश्यकता है अपने-आपको सही चीजों – ‘शांति’, ‘प्रकाश’ , ‘सत्य’, ‘आनंद’ – की ओर उद्घाटित करने तथा गलत चीजों, जैसे, गुस्सा , मिथ्यात्व और लोभ को अस्वीकार करने की ।
संदर्भ : श्रीअरविंद के पत्र
उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…
भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…
यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…
जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…
हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर 'अनन्तता' के…