श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ क्रिसमस पर्व पर
श्रीमाँ को अपने अंदर कार्य करने देने के लिए मुझे कौन सा व्यक्तिगत प्रयास करने की आवश्यकता है ?
आवश्यकता है अपने-आपको सही चीजों – ‘शांति’, ‘प्रकाश’ , ‘सत्य’, ‘आनंद’ – की ओर उद्घाटित करने तथा गलत चीजों, जैसे, गुस्सा , मिथ्यात्व और लोभ को अस्वीकार करने की ।
संदर्भ : श्रीअरविंद के पत्र
तुम पानी में गिर पड़ते हो। वह विपुल जलराशि तुम्हें भयभीत नहीं करती। तुम हाथ-पांव…
अंदर की बेचैनी ही तुम्हें आंतरिक और बाह्य रूप से नींद लेने से रोकती है।…
तुम्हें डरना नहीं चाहिये। तुम्हारी अधिकतर कठिनाइयां भय से आती है। वास्तव में, ९० प्रतिशत…
श्रीअरविंद ने कितनी ही बार इस बात को दोहराया है कि परमात्मा हास्यप्रिय हैं और…