श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ क्रिसमस पर्व पर
श्रीमाँ को अपने अंदर कार्य करने देने के लिए मुझे कौन सा व्यक्तिगत प्रयास करने की आवश्यकता है ?
आवश्यकता है अपने-आपको सही चीजों – ‘शांति’, ‘प्रकाश’ , ‘सत्य’, ‘आनंद’ – की ओर उद्घाटित करने तथा गलत चीजों, जैसे, गुस्सा , मिथ्यात्व और लोभ को अस्वीकार करने की ।
संदर्भ : श्रीअरविंद के पत्र
(अधिकतर साधक) अहंकारी होते हैं और वे अपने अहंभाव को अनुभव या स्वीकार नहीं करते।…
अवतार की सम्भावना पर विश्वास करने या न करने से प्रकट तथ्य पर कोई फ़र्क़…
यदि चैत्य पुरुष की प्रकृति जाग्रत हो जाए, अपने पीछे विद्यमान माताजी की चेतना और…
भागवत चेतना की विभिन्न अवस्थाएँ होती हैं। रूपांतर की भी विभिन्न अवस्थाएँ होती है। पहली…