तुमने सर्वदा ही अपने मन और संकल्पशक्ति की क्रिया पर अत्यधिक भरोसा रखा है-इसी कारण तुम उन्नति नहीं कर पाते। यदि तुम माताजी की शक्ति पर चुपचाप भरोसा बनाये रखने की आदत डाल दो – महज अपने निजी प्रयास की सहायता करने के लिए उसे पुकारने की आदत नहीं – तो बाधा कम हो जाएगी और अंत में एकदम दूर हो जाएगी।
संदर्भ : माताजी के विषय में
जीवनयात्रा में समस्त भय, संकट और विपदा का सामना करने के लिए कवच के रूप…
अपने तुच्छ, स्वार्थपूर्ण व्यक्तित्व से बाहर निकलो ओर अपनी भारतमाता के योग्य शिशु बनो ।…