आश्रम का परिवेश, उसकी सीमाएं क्या हैं ? वह प्रत्येक घर जिसमें साधक रहते हैं आश्रम की सीमा के अंदर हैं । बड़ी अजीब बात है कि लोग यह मानते है और कहते हैं कि आश्रम के अहाते में जितने घर है बस वही आश्रम का दायरा है – यह एकदम बेतुकी बात है। या फिर क्या वे सोचते है कि श्रीमाँ या मेरा प्रभाव बस इसी अहाते में  ही सीमित है ?

संदर्भ : श्रीअरविंद अपने विषय में 

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