आश्रम का परिवेश, उसकी सीमाएं क्या हैं ? वह प्रत्येक घर जिसमें साधक रहते हैं आश्रम की सीमा के अंदर हैं । बड़ी अजीब बात है कि लोग यह मानते है और कहते हैं कि आश्रम के अहाते में जितने घर है बस वही आश्रम का दायरा है – यह एकदम बेतुकी बात है। या फिर क्या वे सोचते है कि श्रीमाँ या मेरा प्रभाव बस इसी अहाते में ही सीमित है ?
संदर्भ : श्रीअरविंद अपने विषय में
समाजवादी चाहते हैं पूंजीवाद को खत्म करना, किन्तु ऐसा न करना बेहतर होगा। वे राष्ट्रीय…
मैं तुम्हें अपना पुराना मन्त्र बताती हूं; यह बाह्य सत्ता को बहुत शान्त रखता है…
अगर अपात्रता का भाव तुम्हें उमड़ती हुई कृतज्ञता से भर देता है और आनन्दातिरेक के…