आत्म-विश्वास के बिना तुम कभी कुछ नहीं कर सकते … क्योंकि साधना के प्रारम्भिक बेचैनी-भरे वर्षों में तुम्हारे पास और कोई सहारा नहीं होता, जब तुम केवल आशा का पल्ला थामे रहते हो, और जब तुम्हारी सबसे बहुमूल्य सम्पत्ति होती है निषकम्प साहस और अपने अंदर श्रद्धा तथा विश्वास।
संदर्भ : श्रीअरविंद (खण्ड-१)
उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…
भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…
यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…
जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…
हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर 'अनन्तता' के…