अध्यवसाय के द्वारा ही तुम कठिनाइयों को पार कर सकते हो, उनसे भाग कर नहीं । जो अध्यवसाय करता है वह निश्चय ही जीत जायेगा । विजय सबसे ज्यादा धैर्य रखने वाले की ही होती है । हमेशा अपना अच्छे-से अच्छा करो और प्रभु परिणाम देख लेंगे ।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग २)
एक या दो बार, बस खेल-ही-खेलमें आपने अपनी या श्रीअरविंदकी कोई पुस्तक ली और सहसा…
मेरे प्यारे बालक, तुम हमेशा मेरी भुजाओं में रहते हो और मैं तुम्हें सुख-सुविधा देने,…