भारत इस भूमि की मिट्टी, नदियां और पहाड़ नहीं है , न ही इस देश के वासियों का सामूहिक नाम भारत है । भारत एक जीवन्त सत्ता है, इतनी ही जीवन्त जितने कि, कह सकते हैं, शिव हैं। … भारत शिव की कोटी की देवी है । अगर वह चाहे तो मानव रूप में भी प्रकट हो सकती है ।

संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-१)

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