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अतिमानसिक जगत की अभिव्यक्ति

श्रीअरविंद धरती पर अतिमासनिक जगत की अभिव्यक्ति की घोषणा करने आये थे और उन्होने इस अभिव्यक्ति की घोषणा ही नहीं की बल्कि अंशत: अतिमानसिक शक्ति को मूर्त रूप भी दिया और अपने उदाहरण से यह दिखलाया कि उसे अभिव्यक्त करने के लिए हमें क्या करना चाहिए। ..

संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-१)

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