मुंह में मिठाई की अपेक्षा अच्छा कार्य हृदय के लिए ज़्यादा मीठा होता है ।
जो दिन अच्छा काम किये बिना बीतता है वह बिना आत्मा का दिन होता है ।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-२)
एक या दो बार, बस खेल-ही-खेलमें आपने अपनी या श्रीअरविंदकी कोई पुस्तक ली और सहसा…
मेरे प्यारे बालक, तुम हमेशा मेरी भुजाओं में रहते हो और मैं तुम्हें सुख-सुविधा देने,…