एकता और एकरूपता की प्राप्ति
अपनी सत्ता में एकता और एकरूपता स्थापित करने के उपाय क्या हैं ? अपने संकल्प को दृढ़ रखो। अपने उद्धवत भागों के साथ ऐसा व्यवहार...
अपनी सत्ता में एकता और एकरूपता स्थापित करने के उपाय क्या हैं ? अपने संकल्प को दृढ़ रखो। अपने उद्धवत भागों के साथ ऐसा व्यवहार...
हर हालत में अपने गुरु के प्रति निष्ठावान बने रहो, वे चाहे कोई भी क्यों न हों; तुम जितनी दूर तक जा सको वे तुम्हें...
भगवान तथा संसार में भगवान की क्रिया, दोनों हमेशा अशुभ की अति पर एक सीमा का काम करते हैं, और साथ ही शुभ को असीम...
मनुष्यों की जो अधिकतर कठिनाइयाँ होती हैं उनका कारण होता है, उनका अपनी क्रियाओं पर और दूसरों की क्रियाओं पर अपनी प्रतिक्रियाओं के नियंत्रण का...
यदि व्यक्ति यह अनुभव करे कि उसका इस जीवन का कार्य समाप्त हो गया है और अब भेंट देने के लिए उसके पास और कुछ...
श्रीअरविंद कहते हैं कि तुम्हे सबसे पहले अपने विषय में सचेतन होना चाहिये, फिर सोचना, और फिर कार्य करना चाहिये। सभी कार्यों से पहले सत्ता...
कोई महत्वकांक्षा न रखो, और सबसे बढ़ कर यह कि कभी किसी चीज़ का दावा न करो, हर क्षण, तुम अधिक-से-अधिक जो हो सकते हो...
मधुर माँ, हम अपने मन को सब विचारों से खली कैसे कर सकते हैं? जब हम ध्यान में इसके लिए प्रयास करते हैं तो हमेशा...
सम्भ्वन की शाश्वतता में प्रत्येक अवतार एक अधिक पूर्ण सिद्धि का उद्घोषक और अग्रदूत होता है। फिर भी लोगों में हमेशा यह वृत्ति रहती है...
यदि हम अपने जीवन्त उदाहरण के द्वारा अपनी सिखायी बातों का सत्य बच्चे को न दिखा दें तो केवल अच्छी बातें कहने और बुद्धिमानी का...