मुंह में मिठाई की अपेक्षा अच्छा कार्य हृदय के लिए ज़्यादा मीठा होता है । जो दिन अच्छा काम किये…
१) दूसरों पर नियंत्रण रख सकने के लिए स्वयं अपने ऊपर पूर्ण नियंत्रण पाना अनिवार्य शर्त है। २) कोई पसन्द…
समृद्धि केवल उसी के साथ टिकी रह सकती है जो उसे भगवान को अर्पित करता है । संदर्भ : माताजी…
हमारा मूल्य अपने-आपका अतिक्रमण करने के प्रयास के परिमाण में है, और अपने-आपका अतिक्रमण करने का अर्थ है , भगवान…
जब तुम अपने-आपको किसी नि:स्वार्थ कार्य की परिपूर्णता के लिये सौंप देते हो तो कभी सामान्य लोगों से प्रशंसा या…
सत्य 'शक्ति' हमेशा अचंचल होती है । दुर्बलता और अपूर्णता के निश्चित लक्षण हैं - बेचैनी, उत्तेजना तथा अधीरता। तुम्हें…
प्रसन्नता भी उतनी ही संक्रामक है जितनी उदासी - इससे ज़्यादा उपयोगी और कुछ नहीं हो सकता कि तुम लोगों…
भय गुप्त स्वीकृति है । जब तुम किसी चीज़ से डरते हो तो इसका या अर्थ है कि तुम उसकी…
किसी अन्य मनुष्य के प्रभाव के प्रति खुले रहना हमेशा दुखद होता है। तुम्हें भगवान के सिवा और किसी के…
स्वाधीनता बाहरी परिस्थितियों से नहीं , आंतरिक मुक्ति से आती है । अपनी अंतरात्मा को खोजो, उसके साथ एक हो…