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श्रीअरविंद और श्रीमाँ का संसार

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प्रेम

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लक्ष्य
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लक्ष्य

by श्रीअरविंद 3 सप्ताह ago3 सप्ताह ago
विवाह-प्रथा का अंत
400

विवाह-प्रथा का अंत

by श्री माँ 2 महीना ago2 महीना ago
  • 400
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सच्चा प्रेम

    भगवान के लिये सच्चा प्रेम है, बिना कुछ माँगे अपने-आपको दे देना। वह प्रेम समर्पण और उत्सर्ग से भरा होता है, वह कोई अधिकार नहीं...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 महीना ago2 महीना ago
  • 120
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    कौन योग्य, कौन अयोग्य

    ‘भागवत कृपा’ के सामने कौन योग्य है और कौन अयोग्य? सभी तो उसी एक दिव्य ‘मां’ के बालक हैं। ‘उनका’ प्रेम उन सब पर समान...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 महीना ago3 महीना ago
  • 310
    श्रीमाँ का दर्शन
    श्री माँ के वचन

    रूपान्तर का क्षण

    रूपांतर के लिए भगवान को निरंतर याद रखना अनिवार्य है । और जब परम प्रेम की अभिव्यक्ति का दिन आयेगा, परम प्रेम के पारदर्शक, सघन...

    श्री माँ
    by श्री माँ 4 महीना ago4 महीना ago
  • 430
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    केवल मां की ओर ताको

    किसी भी साधक को कभी भी अयोग्यता के और निराशाजनक विचारों  नहीं पोसना चाहिये-ये एकदम से असंगत होते हैं, क्योंकि व्यक्ति की निजी योग्यता तथा...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 5 महीना ago5 महीना ago
  • 280
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    अनिवार्य गुण

    साहस और प्रेम ही अनिवार्य गुण हैं ; और सब गुण यदि धुँधले या निस्तेज पड़ जायें फिर भी ये दोनों आत्मा को जीवित रखेंगे।...

    श्री माँ
    by श्री माँ 8 महीना ago8 महीना ago
  • 790
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ का चित्र
    श्री माँ के वचन

    प्रेम और स्नेह की प्यास

    प्रेम और स्नेह की प्यास मानव आवश्यकता है, परंतु वह तभी शांत हो सकती है जब वह भगवान की ओर अभिमुख हो। जब तक वह...

    श्री माँ
    by श्री माँ 10 महीना ago10 महीना ago
  • 400
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    अर्पण का रूप

    प्यारी माँ, आपका प्रेम ही मेरे लिए सच्चा आश्रय और बल है। माँ, मैं आपको जो कुछ अर्पित करता हूँ वह एक गंदला मिश्रण है...

    श्री माँ
    by श्री माँ 10 महीना ago10 महीना ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    भागवत प्रेम

    प्रेम केवल एक ही है – ‘भागवत प्रेम’ ; और उस ‘प्रेम’ के बिना कोई सृष्टि न होती। सब कुछ उसी ‘प्रेम’ के कारण विद्यमान...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 490
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    एकमात्र चीज़

    एकमात्र चीज़ जो महत्वपूर्ण हैं, एकमात्र चीज़ जिसका मूल्य है, वह है ‘तेरे’ साथ आधिकाधिक पूरी तरह से तदात्म होने की इच्छा, हमारी चेतना को...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 500
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    अकेलापन

    तुम अकेलापन इसलिए लगता है क्योंकि तुम प्रेम पाने की आवश्यकता का अनुभव करते हो । बिना मांग किये, केवल प्रेम के आनंद के लिए...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

    शांति मंत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

    घर और काम में साधना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

    अपात्रता का भाव

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    दो चीज़ें

    दो चीज़ें

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

    कभी मत बुड़बुड़ाओ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आंतरिक परिवर्तन

    आंतरिक परिवर्तन

  • महर्षि श्रीअरविंद का चित्र
    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    निराशा से दूर रहो

    निराशा से दूर रहो

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ कक्षा लेते हुए
    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सच्चा सुख कब ?

    सच्चा सुख कब ?

  • श्रीमाँ का चित्र
    तेरा आश्वासन

    तेरा आश्वासन

  • श्रीअरविंद का चित्र
    आध्यात्मिक जीवन में सफलता

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    प्रार्थना

    प्रार्थना

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    समग्र योग का अर्थ

    समग्र योग का अर्थ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रद्धा के नेत्र

    श्रद्धा के नेत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    माताजी की शक्ति

    माताजी की शक्ति

© 2026 श्रीअरविंद और श्रीमाँ के चरणों में In Search of The Mother

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