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प्रेम

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कौन योग्य, कौन अयोग्य
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कौन योग्य, कौन अयोग्य

by श्री माँ 4 दिन ago4 दिन ago
रूपान्तर का क्षण
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रूपान्तर का क्षण

by श्री माँ 1 महीना ago1 महीना ago
  • 400
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    केवल मां की ओर ताको

    किसी भी साधक को कभी भी अयोग्यता के और निराशाजनक विचारों  नहीं पोसना चाहिये-ये एकदम से असंगत होते हैं, क्योंकि व्यक्ति की निजी योग्यता तथा...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 महीना ago2 महीना ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    अनिवार्य गुण

    साहस और प्रेम ही अनिवार्य गुण हैं ; और सब गुण यदि धुँधले या निस्तेज पड़ जायें फिर भी ये दोनों आत्मा को जीवित रखेंगे।...

    श्री माँ
    by श्री माँ 5 महीना ago5 महीना ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ का चित्र
    श्री माँ के वचन

    प्रेम और स्नेह की प्यास

    प्रेम और स्नेह की प्यास मानव आवश्यकता है, परंतु वह तभी शांत हो सकती है जब वह भगवान की ओर अभिमुख हो। जब तक वह...

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 महीना ago7 महीना ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    अर्पण का रूप

    प्यारी माँ, आपका प्रेम ही मेरे लिए सच्चा आश्रय और बल है। माँ, मैं आपको जो कुछ अर्पित करता हूँ वह एक गंदला मिश्रण है...

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 महीना ago7 महीना ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    भागवत प्रेम

    प्रेम केवल एक ही है – ‘भागवत प्रेम’ ; और उस ‘प्रेम’ के बिना कोई सृष्टि न होती। सब कुछ उसी ‘प्रेम’ के कारण विद्यमान...

    श्री माँ
    by श्री माँ 11 महीना ago11 महीना ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    एकमात्र चीज़

    एकमात्र चीज़ जो महत्वपूर्ण हैं, एकमात्र चीज़ जिसका मूल्य है, वह है ‘तेरे’ साथ आधिकाधिक पूरी तरह से तदात्म होने की इच्छा, हमारी चेतना को...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    अकेलापन

    तुम अकेलापन इसलिए लगता है क्योंकि तुम प्रेम पाने की आवश्यकता का अनुभव करते हो । बिना मांग किये, केवल प्रेम के आनंद के लिए...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सच्चा प्रेम

    ‘सच्चा प्रेम’ जो तृष्टि और आलोकित करता है, वह नहीं है जिसे तुम पाते हो, बल्कि वह है जो तुम देते हो। और ‘परम प्रेम...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    आत्मदान

    भगवान के लिए सच्चा प्रेम है आत्मदान, यानी अपने-आपको पूर्ण रूप से दे देना । इस दान में कोई मांग न हो, यह पूरी तरह...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
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    श्री माँ के वचन

    देवत्‍व का लक्षण

    श्रीअरविंद हमसे कहते हैं कि सभी परिस्थितियों में प्रेम को विकीरत करते रहना ही देवत्व का लक्षण है, वह उसे भी प्यार करता है जो...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
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    भगवान के दो रूप

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    भगवान की बातें

    भगवान की बातें

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    शांति के साथ

    शांति के साथ

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    यथार्थ साधन

    यथार्थ साधन

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    कौन योग्य, कौन अयोग्य

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    सच्चा आराम

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    डरना नहीं

    डरना नहीं

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    परिश्रम

    परिश्रम

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    चिंता न करो

    चिंता न करो

  • श्रीमाँ के वचन जीवन के लक्ष्य के विषय में
    जीवन का खालीपन

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    जगत से जाना ?

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ का चित्र
    ज्योतिषियों की बात

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    ध्यान में बैठने का तरीका

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  • दर्शन संदेश १५ अगस्त २०१८ (२/४)
    भगवान् के कार्य को समझना

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  • श्रीअरविंद और श्रीमाँ के दर्शन
    अच्छा यंत्र पर बुरा मालिक

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    यौवन

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    तेरे ज्ञान की अभीप्सा

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    पुजारियों के प्रति वृत्ति

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