940 श्रीअरविंद के वचनआत्मदानभगवान के लिए सच्चा प्रेम है आत्मदान, यानी अपने-आपको पूर्ण रूप से दे देना । इस दान में कोई मांग न हो, यह पूरी तरह... by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago