यदि चैत्य पुरुष प्रकट हो तो वह तुमसे अपने प्रति नहीं, बल्कि माताजी के प्रति आत्मसमर्पण करने को कहेगा। संदर्भ…
जीवन की कठिन घड़ियों में हर एक का अत्यावश्यक कर्तव्य है भगवान के प्रति समग्र, अप्रतिबंध आत्म निवेदन में अपने…
अपने समस्त ह्रदय और समस्त शक्ति के साथ स्वयं को भगवान के हाथों में सौंप दो। कोई शर्त न रखो,…
एक बच्चे की तरह बन जाना और अपने-आपको संपूर्णतः दे देना तब तक असम्भव है , जब तक कि चैत्य…
यहाँ (श्रीअरविंद आश्रम) गृहस्थ तथा सन्यासी के बीच भेद करने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता, क्योंकि हमारे लिए वह…
हे प्रभो, इस सत्ता में कोई चीज तुझसे कहती है : "मैं कुछ नहीं जानती, "मैं कुछ नहीं हूं, "मैं…
एकदम आरम्भ से ही आत्मसमर्पण का पूर्ण होना सम्भव नहीं हैं न? साधारण रूप में नहीं। इसमें थोड़ा-बहुत समय लगता…
सावित्री अग्रवाल ने १९४० के दशक के आरंभ में जब प्रथम बार श्रीअरविंद और श्रीमाँ के दर्शन किये तभी उन्होने…