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श्रीअरविंद और श्रीमाँ का संसार

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सत्य

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मिथ्यात्व
370

मिथ्यात्व

by श्री माँ 1 महीना ago1 महीना ago
सच्चे ‘सत्य’ की अभिव्यक्ति
1320

सच्चे ‘सत्य’ की अभिव्यक्ति

by श्री माँ 2 महीना ago2 महीना ago
  • 290
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    धर्म की गलती

    आध्यात्मिक भाव पूजा, भक्ति और निवेदन के धार्मिक भाव के विपरीत नहीं है, धर्म में जो गलत है वह मन की कट्टरता जो किसी एक...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 महीना ago2 महीना ago
  • 420
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सत्य का सबसे बुरा शत्रु

    तर्क-शास्त्र का कार्य एक विचार से दूसरे विचार पर और एक तथ्य से उसके परिणामों पर सही निष्कर्ष से पहुंचना है। किन्तु स्वयं इसके अन्दर...

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 महीना ago7 महीना ago
  • 410
    श्रीमाँ का दर्शन
    श्री माँ के वचन

    भागवत कृपा पर श्रद्धा

    अगर व्यक्ति के अन्दर भागवत कृपा पर श्रद्धा है कि भागवत कृपा उस पर नजर रखे हुए है और चाहे कुछ क्यों न हो जाये,...

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 महीना ago7 महीना ago
  • 630
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    वाणी और क्रिया में सच्चाई

    यह निश्चित है कि बिना किसी कष्ट के सत्य बोल सकने के लिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि हम अपना व्यवहार सदा इस प्रकार...

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 महीना ago7 महीना ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सत्य चेतना

    तुम जो कुछ भी करो वह उपयोगी हो उठता है यदि तुम उसमें सत्य चेतना की एक चिंगारी रख दो। तुम जो कार्य करते हो...

    श्री माँ
    by श्री माँ 9 महीना ago9 महीना ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    निष्कपटता

    किसी भी वस्तु को, कहीं भी, अपने सत्ता के सत्य को अस्वीकार न करने दो : यही निष्कपटता है । संदर्भ : माताजी के वचन...

    श्री माँ
    by श्री माँ 9 महीना ago9 महीना ago
  • 880
    श्रीअरविंद के पत्र
    श्रीअरविंद के वचन

    सत्य का यंत्र

    यदि तुम सत्य का यन्त्र बनना चाहो तो तुम्हें सदा सच ही बोलना होगा न कि झूठ। किन्तु इसका अर्थ यह नहीं कि तुम्हें प्रत्येक...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 320
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सामान्य प्रक्रिया

    श्रीअरविंद कहते हैं कि तुम्हे सबसे पहले अपने विषय में सचेतन होना चाहिये, फिर सोचना, और फिर कार्य करना चाहिये। सभी कार्यों से पहले सत्ता...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 200
    दर्शन संदेश १५ अगस्त २०१८ (२/४)
    श्री माँ के वचन

    अवतार

    सम्भ्वन की शाश्वतता में प्रत्येक अवतार एक अधिक पूर्ण सिद्धि का उद्घोषक और अग्रदूत होता है। फिर भी लोगों में हमेशा यह वृत्ति रहती है...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 260
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    अंतिम विजय की निश्चिति

    ‘सत्य’ मिथ्यात्व से बढ़ कर बलवान है। एक अमर ‘शक्ति’ जगत पर शासन करती है। उसके निश्चय हमेशा सफल होते हैं। उसके साथ हो जाओ...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
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    आत्म-विश्वास

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  • श्रीअरविंद के पत्र
    पूर्णता क्या है

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    श्रीअरविंद की शिक्षा

    श्रीअरविंद की शिक्षा

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    वही सोचो जो तुम बनना चाहते हो

    वही सोचो जो तुम बनना चाहते हो

  • श्रीअरविन्द आश्रम की श्रीमाँ
    मेरे आशीर्वाद बहुत भयंकर हैं 

    मेरे आशीर्वाद बहुत भयंकर हैं 

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    सत्य की शक्ति

    सत्य की शक्ति

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ जापान में
    वर्षों का भार

    वर्षों का भार

  • श्रीमाँ का चित्र
    सच्ची पराजय

    सच्ची पराजय

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    कुछ भी असंभव नहीं

    कुछ भी असंभव नहीं

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    माताजी की ओर खुलना

    माताजी की ओर खुलना

  • महर्षि श्रीअरविंद अपने कक्ष में
    विनम्रता

    विनम्रता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    विनम्र बनने का गलत तरीका

    विनम्र बनने का गलत तरीका

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    मैं तुम्हारे साथ हूं

    मैं तुम्हारे साथ हूं

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सतत ‘उपस्थिती’

    सतत ‘उपस्थिती’

  • महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    आत्मा का अनुगमन

    आत्मा का अनुगमन

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    पूंजीवाद

    पूंजीवाद

  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

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