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श्रीअरविंद और श्रीमाँ का संसार

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श्रीमातृवाणी खण्ड-१७

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आंतरिक परिवर्तन
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आंतरिक परिवर्तन

by श्री माँ 2 सप्ताह ago3 सप्ताह ago
अनुशासन
750

अनुशासन

by श्री माँ 5 महीना ago5 महीना ago
  • 650
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    प्रकाश और आनंद में जीना

    कल मैंने लिखा था कि एक गंभीर स्थिरता है – लेकिन आज केवल एक गंभीर विक्षोभ है ! एक ही समय में सत्ता का एक...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    ज्योतिर्मय भविष्य

    उदार हृदय हमेशा पुराने दुर्व्यवहारों को भूल जाता है और दुबारा सामंजस्य लाने के लिए तैयार रहता है । आओ, हम सब उसको भूल जाएँ...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ अपने कक्ष में
    श्री माँ के वचन

    शरीर को छोड़ना कोई हल नहीं

    चूंकि मेरी प्रकृति कमजोर है इसलिए साधारण चीजों को त्यागना कठिन हो जाता है। लेकिन, यह निश्चित है कि मैं केवल आपको ही चाहता हूँ।...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    हमारा लक्ष्य

    हमारा लक्ष्य है अपनी सत्ता की पूर्णता को चरितार्थ करना और मानव पशु को भागवत मनुष्य में बदल देना । मेरे आशीर्वाद सहित । संदर्भ...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    विश्वास बनाये रखो

    यह कहने की जरूरत नहीं कि मेरी सहायता और शक्ति तीव्रता के साथ उन लोगों के साथ है जो मेरे साथ मिलकर इस वस्तुस्थिति के...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    उदार हृदय

    उदार हृदय हमेशा अपने पुराने दुर्व्यवहारों को भूल जाता है और दुबारा सामंजस्य लाने के लिए तैयार रहता है। आओ, हम सब उसको भूल जायें...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    आपको पाने के लिए

    मुझे यह सिखाइये कि आपको पाने के लिए किस तरह प्रयास करूँ ? तुम्हें अपनी इच्छा-शक्ति लगानी होगी । संदर्भ : श्रीमातृवाणी (खण्ड-१७)

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    रति

    आत्म-रति भयानक बाधा है । प्रभु-रति महान उपचार है । संदर्भ : श्रीमातृवाणी (खण्ड-१६)

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्री माँ मीरा श्रीअरविंद आश्रम पुडुचेरी की संस्थापिका
    श्री माँ के वचन

    कठिनाइयों का कारण

    मनुष्यों की जो अधिकतर कठिनाइयाँ होती है उनका कारण होता है, उनका अपनी क्रियाओं पर और दूसरों की क्रियाओं पर अपनी प्रतिक्रियाओं के नियंत्रण का...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    उदाहरण बनो

    हर एक पहले अपने लिए जिम्मेदार है ; और अगर तुम औरों की सहायता करने की अभीप्सा रखते हो तो तुम जैसा होना चाहिये, उसका...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    कुछ भी असंभव नहीं

    कुछ भी असंभव नहीं

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    माताजी की ओर खुलना

    माताजी की ओर खुलना

  • महर्षि श्रीअरविंद अपने कक्ष में
    विनम्रता

    विनम्रता

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    विनम्र बनने का गलत तरीका

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    मैं तुम्हारे साथ हूं

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सतत ‘उपस्थिती’

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  • महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    आत्मा का अनुगमन

    आत्मा का अनुगमन

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    पूंजीवाद

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  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

    शांति मंत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

    अपात्रता का भाव

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    दो चीज़ें

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आंतरिक परिवर्तन

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    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

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© 2026 श्रीअरविंद और श्रीमाँ के चरणों में In Search of The Mother

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