व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये

कृतज्ञता

लोगो को कृपा की क्रिया का भान तक नहीं होता जब तक कोई खतरा न आ जाये, यानी, जब तक…

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श्रीअरविंद के योग का आरंभ

मधुर माँ, हम निश्चय के साथ कब कह सकते है कि हमने श्रीअरविंद का योग शुरू कर दिया है ?…

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अंदर का ज्ञान

जब हमारे अंदर का ज्ञान नया होता है तब वह अजेय होता है; जब वह पुराना हो जाता है तब…

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परिणाम

प्रत्येक अपना-अपना काम अच्छे-से-अच्छा करे और परिणाम की चिंता शांतिपूर्वक परम प्रभु के लिए छोड़ दे । संदर्भ : सफ़ेद…

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बाह्य परिस्थितियों को भूलना

जहां तक भूलने का प्रश्न है, जितना ज्यादा तुम अपनी आत्मा को याद रखोगी उतना ही बाह्य परिस्थितियों को भूल…

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चैत्य पुरुष

यदि चैत्य पुरुष प्रकट हो तो वह तुमसे अपने प्रति नहीं, बल्कि माताजी के प्रति आत्मसमर्पण करने को कहेगा। संदर्भ…

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माताजी की शक्ति

माताजी की शक्ति शरीर में पूर्ण रूप से कार्य करे इसके लिये यह आवश्यक है कि केवल मन में ही…

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जीवंत भगवान

जो ज्ञान तुझे जीवन में प्राप्त है बस वैसा ही बन और उसी को जीवन में उतार; तभी तेरा ज्ञान…

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दासता

बुरी चीज़ है दासता, चाहे वह परहेज की दासता हो या आवश्यकताओं की। हमारे पास जो कुछ आये उसे हम…

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इस सिद्धान्त का पालन करो

न केवल अपनी आन्तरिक एकाग्रता में बल्कि अपनी बाह्य क्रियाओं व गतिविधियां में भी तुम्हें उचित मनोवृत्ति अपनानी चाहिये। यदि…

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