माताजी के वचन भाग-२

एक अनिवार्य अनुशासन

यही कभी न भूलो कि मैं झगड़ों को पसंद नहीं करती और दोनों ही पक्षों को समान रूप से गलत…

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अवसर और कारण

शांत रहो और शांति के साथ विश्वासपूर्वक अपना उत्सर्ग कर दो। जो कुछ होता है वह हमेशा परम प्रभु  की…

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अच्छा कार्य

मुंह में मिठाई की अपेक्षा अच्छा कार्य हृदय के लिए ज़्यादा मीठा होता है । जो दिन अच्छा काम किये…

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अपने ऊपर नियन्त्रण रखना

१) दूसरों पर नियंत्रण रख सकने के लिए स्वयं अपने ऊपर पूर्ण नियंत्रण पाना अनिवार्य शर्त है। २) कोई पसन्द…

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समृद्धि

समृद्धि केवल उसी के साथ टिकी रह सकती है जो उसे भगवान को अर्पित करता है । संदर्भ : माताजी…

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हमारा मूल्य

हमारा मूल्य अपने-आपका अतिक्रमण करने के प्रयास के परिमाण में है, और अपने-आपका अतिक्रमण करने का अर्थ है , भगवान…

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निस्वार्थ कार्य

जब तुम अपने-आपको किसी नि:स्वार्थ  कार्य की परिपूर्णता के लिये सौंप देते हो तो कभी सामान्य लोगों से प्रशंसा या…

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प्रसन्नता

प्रसन्नता भी उतनी ही संक्रामक है जितनी उदासी - इससे ज़्यादा उपयोगी और कुछ नहीं हो सकता कि तुम लोगों…

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भय को स्वीकृति

भय गुप्त स्वीकृति है । जब तुम किसी चीज़ से डरते हो तो इसका या अर्थ है कि तुम उसकी…

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बाहरी प्रभाव

किसी अन्य मनुष्य के प्रभाव के प्रति खुले रहना हमेशा दुखद होता है। तुम्हें भगवान के सिवा और किसी के…

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