माताजी के वचन भाग-१

भगवती श्री माँ का दृष्टिकोण 

​तुम्हारी मानव-दृष्टि चीजों को एक सीधी लकीर में देखती है । तुम्हारे लिए या तो यह तरीका है या वह…

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श्रीमाँ का आश्वासन

​..मेरे और तुम्हारे बीच एक विशेष सम्बन्ध है, उन सबके साथ जो मेरी और श्रीअरविन्द की शिक्षा की ओर मुंडे…

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भारत का भविष्य

भारत का भविष्य बहुत स्पष्ट है। भारत संसार का गुरु है। संसार की भावी रचना भारत पर निर्भर है। भारत…

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भारत का मानचित्र

("माताजी के भारत के मानचित्र" के बारे में जो आश्रम के क्रीड़ांगड़) यह सब तरह के अस्थायी रूपों के बावजूद…

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जीवन का एक लघु आकार

साधक को क्या होना चाहिये इसके बारे में मैं तुम्हारे भावों की क़दर करती हूँ और उस दृष्टिकोण से, तुम…

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भारत सबसे आगे का देश है

आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भारत जगत में सबसे आगे का देश है। आध्यात्मिक उदाहरण प्रस्तुत करना ही उसका मिशन है। श्रीअरविंद…

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भारत का भविष्य

भारत का भविष्य बहुत स्पष्ट है। भारत संसार का गुरु है। संसार की भावी रचना भारत पर निर्भर है। भारत…

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प्रथम अतिमानसिक अवतरण

(आश्रम के क्रीड़ांगण में २९ फरवरी १९५६ को बुधवार के सार्वजनिक ध्यान के समय) आज की सांझ तुम लोगों के…

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अनुशासन की अनिवार्यता

सामुदायिक जीवन में अनिवार्य रूप से अनुशासन होना चाहिये ताकि मजबूत कमजोर के साथ दुर्व्यवहार न कर सके; और जो…

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भारत के विषय में

भारत को जगत् का आध्यात्मिक नेता होना ही चाहिये । अन्दर तो उसमें क्षमता है, परन्तु बाहर... अभी तो सचमुच…

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