माताजी के वचन भाग-१

मुझ पर विश्वास रखो

मुझे इतना डर क्यों लगता है? क्योंकि तुम्हारा ख्याल है कि मैं तुम्हारे ऊपर अपनी इच्छा लादना चाहती हूं; लेकिन…

% दिन पहले

श्रीमाँ के संदेश

(भारत की प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी के श्रीअरविंद आश्रम आने पर माताजी ने उन्हें यह संदेश दिये थे। ) भारत…

% दिन पहले

प्रगति का मापदण्ड

मधुर मां, हम यह कैसे जान सकते हैं कि हम व्यक्तिगत और सामुदायिक रूप में प्रगति कर रहे हैं या…

% दिन पहले

देशभक्ति की भावना तथा योग

देशभक्ति की भावनाएँ हमारे योग की विरोधी बिलकुल नहीं है, बल्कि अपनी मातृभूमि की शक्ति तथा अखण्डता के लिए संकल्प…

% दिन पहले

श्रीमाँ अपने विषय में

मधुर माँ,  आप हमारी तरह क्यों नहीं आयीं? आप सचमुच जैसी है उस तरह क्यों नहीं आयीं? क्योंकि अगर मैं…

% दिन पहले

पूर्णता

पूर्णता कोई निष्क्रिय स्थिति नहीं होती, यह एक प्रकार की संतुलन की अवस्था होती है; पर होता है वह एक…

% दिन पहले

भारत की आत्मा

​केवल भारत की आत्मा ही इस देश को एक कर सकती है । बाह्य रूप मे भारत के प्रदेश स्वभाव,…

% दिन पहले

श्रीमां जो लाना चाहती हैं

मैं भौतिक जगत् में, धरती पर क्या लाना चाहती हूं : १. पूर्ण 'चेतना'। २. पूर्ण 'ज्ञान', सर्वज्ञता। ३. अजेय…

% दिन पहले

एक विशेष संबंध

बहुत समय पहले श्रीअरविन्द ने आश्रम में हर जगह यह अनुस्मारक लगवा दिया था जिसे तुम सब जानते हो :…

% दिन पहले

भगवान् क्या है

 भगवान् क्या है? तुम श्रीअरविन्द के अन्दर जिनकी आराधना करते हो वे हीं भगवान् हैं । संदर्भ : माताजी के…

% दिन पहले