श्रेणियाँ श्री माँ के वचन

श्रीमाँ के संदेश

(भारत की प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी के श्रीअरविंद आश्रम आने पर माताजी ने उन्हें यह संदेश दिये थे। )

भारत भविष्य के लिए काम करे और सबका नेतृत्व करे। इस तरह वह जगत में अपना सच्चा स्थान फिर से पा लेगा।

बहुत पहले से यह आदत चली आयी है कि विभाजन और विरोध के द्वारा शासन किया जाये। अब एकता, परस्पर समझौते और सहयोग के द्वारा काम करने का समय आ गया है ।

सहयोगी चुनने के लिए, वह जिस दल का है उसकी अपेक्षा मनुष्य का मूल्य ज्यादा महत्वपूर्ण है।

राष्ट्र की महानता अमुक दल की विजय पर नहीं बल्कि सभी दलों की एकता पर निर्भर करती है ।

 

संदर्भ :  माताजी के वचन (भाग-१)

शेयर कीजिये

नए आलेख

भागवत करुणा और न्याय का कठघरा

भूल या सजा देने का कोई प्रश्न ही नहीं है-अगर लोगों को हम उनकी भूलों…

% दिन पहले

साहस और प्रेम

साहस और प्रेम ही अनिवार्य गुण हैं; और यह सब गुण यदि धुँधले या निस्टेज…

% दिन पहले

आगे बढ़ने का रहस्य

इन छोटी-छोटी बातों से क्यों उत्तेजित हो जाते हो? या उनसे अपने को क्यों विचलित…

% दिन पहले

परात्पर भगवान की ओर

जो श्रद्धा वैश्व भगवान के प्रति जाती है वह लीला की आवश्यकताओं के कारण अपनी…

% दिन पहले

भागवत कार्य में स्थान

भगवान मुझसे क्या चाहते है ? वे चाहते है कि पहले तुम अपने-आपको पा लो,…

% दिन पहले

प्रार्थना

हे समस्त वरदानों के परम वितरक, तुझे, जो इस जीवन को शुद्ध, सुन्दर और शुभ बना…

% दिन पहले