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श्रीअरविंद और श्रीमाँ का संसार

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  2. प्रश्न और उत्तर १९५०-१९५१

प्रश्न और उत्तर १९५०-१९५१

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संगति का असर
670

संगति का असर

by श्री माँ 4 महीना ago4 महीना ago
अवसाद
150

अवसाद

by श्री माँ 9 महीना ago9 महीना ago
  • 370
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    लेखन के विषय में

    क्या तुम्हें नहीं लगता कि इस संसार में कुत्सित वस्तुएँ पर्याप्त हैं और इसकी कोई आवश्यकता नहीं कि कोई व्यक्ति पुस्तकों में उनका चित्रण करे?...

    श्री माँ
    by श्री माँ 6 वर्ष ago6 वर्ष ago
  • 260
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सम्पूर्ण आत्मसमर्पण

    एकदम आरम्भ से ही आत्मसमर्पण का पूर्ण होना सम्भव नहीं हैं न? साधारण रूप में नहीं। इसमें थोड़ा-बहुत समय लगता है। परंतु कभी-कभी एकाएक परिवर्तन...

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 वर्ष ago7 वर्ष ago
  • 350
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    रात की यादें

    यदि मस्तिष्क सर्वदा काम करता रहता है तो रात भर में जो कुछ घटित होता है वह हमें क्यों नहीं याद रहता ? क्योंकि चेतना...

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 वर्ष ago7 वर्ष ago

श्रेणियां

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    कुछ भी असंभव नहीं

    कुछ भी असंभव नहीं

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    माताजी की ओर खुलना

    माताजी की ओर खुलना

  • महर्षि श्रीअरविंद अपने कक्ष में
    विनम्रता

    विनम्रता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    विनम्र बनने का गलत तरीका

    विनम्र बनने का गलत तरीका

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    मैं तुम्हारे साथ हूं

    मैं तुम्हारे साथ हूं

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सतत ‘उपस्थिती’

    सतत ‘उपस्थिती’

  • महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    आत्मा का अनुगमन

    आत्मा का अनुगमन

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    पूंजीवाद

    पूंजीवाद

  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

    शांति मंत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

    घर और काम में साधना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

    अपात्रता का भाव

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    दो चीज़ें

    दो चीज़ें

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

    कभी मत बुड़बुड़ाओ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आंतरिक परिवर्तन

    आंतरिक परिवर्तन

  • महर्षि श्रीअरविंद का चित्र
    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

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