सत्य क्या है
एक पंद्रह वर्ष की लड़की ने पूछा, “सत्य क्या है ?” मैंने उत्तर दिया, “परम प्रभु की इच्छा ।” यह चिंतात्मक ध्यान के लिए विषय...
एक पंद्रह वर्ष की लड़की ने पूछा, “सत्य क्या है ?” मैंने उत्तर दिया, “परम प्रभु की इच्छा ।” यह चिंतात्मक ध्यान के लिए विषय...
देशभक्ति की भावनाएँ हमारे योग की विरोधी बिलकुल नहीं हैं, बल्कि अपनी मातृभूमि की शक्ति तथा अखंडता के लिए संकल्प करना एकदम न्यायसंगत भावना है।...
केवल वही वर्ष जो व्यर्थ में गुजरते हैं, तुम्हें बूढ़ा बना देते हैं । वह वर्ष व्यर्थ जाता है जिसमें कोई प्रगति नहीं होती, चेतना...
किसी भी बाहर की चीज़ को अपने नजदीक आने और अपने – आपको क्षुब्ध न करने दो। लोग जो सोचते, करते या कहते हैं उसका...
मधुर माँ, दो मानव सत्ताओं के बीच सबसे अच्छा संबंध कौन सा है ? माँ – बेटे का ? भाई, मित्र या प्रेमी का ?...
मुझे लगता है कि परीक्षा यह जानने का दक़ियानूसी और व्यर्थ उपाय है कि विद्यार्थी समझदार, इच्छुक और एकाग्र हैं या नहीं। यदि स्मरण-शक्ति अच्छी...
मनुष्य बीते कल की सृष्टि है । श्रीअरविंद आगामी कल की सृष्टि – अतिमानसिक सत्ता के आने – की घोषणा करने आये थे । संदर्भ...
. . . फिर भी कितने धीरज की जरूरत है ! प्रगति की अवस्थाएँ कितनी अदृश्य-सी हैं ! … ओह ! मैं तुझे अपने हृदय...
यदि कोई चीज़ कठिन है तो इसका यह मतलब नहीं है कि तुम्हें उसे छोड़ देना चाहिये। इसके विपरीत, चीज़ जितनी कठिन हो उससे ज़्यादा...
देश को कठिनाई से उबारने के लिए क्या करना चाहिये? श्रीअरविंद ने सभी मुश्किलों को पहले से ही देख लिया था और उन्होंने समाधान दे...