श्री माँ के वचन

भविष्य के लिए काम

"भविष्य के लिए काम करने" का क्या अर्थ है ? आरंभ करने के लिए, पुरानी व्यक्तिगत और राष्ट्रीय आदतों से…

% दिन पहले

विलक्षण अनुभव

जीव का सबसे अधिक विलक्षण अनुभव यह है कि जब वह दुख-क्लेश के रूप और उससे होने वाली आशंका की…

% दिन पहले

पाप का अस्तित्व ही नहीं

'परम प्रभु' के लिए पाप का अस्तित्व ही नहीं है - सभी त्रुटियां और दोष सच्ची अभीप्सा और रूपान्तर द्वारा…

% दिन पहले

सूक्ष्म भौतिक आवरण

रोग चाहे किसी कारण से क्यों न हुआ हो, वह चाहे स्थूल-भौतिक हो या मानसिक, बाह्य हो या आन्तरिक, उसे…

% दिन पहले

श्रीमाँ से भौतिक सामीप्य

जो भौतिक रूप से श्रीमाँ के पास नहीं हो सकते, वे उसके लिए अभीप्सा तो करें, लेकिन उसे पाने के…

% दिन पहले

भगवान् का स्वागत

हमेशा भगवान् का स्वागत करने के लिए तैयार रहो, 'वे' किसी भी क्षण तुम्हारे यहां आ सकते हैं। और अगर…

% दिन पहले

सष्टि का दुःख-दर्द भगवान् स्वयं अपने ऊपर ले लेते हैं।

माँ, दुःख-कष्ट अज्ञान और यन्त्रणा से आते हैं। भगवती माता -सावित्री में भगवती माता-अपने बच्चों के लिए जो दुःख-कष्ट झेलती…

% दिन पहले

प्रतीक्षा करो

ठहरो और प्रतीक्षा करो। परिणाम निश्चित है-लेकिन मार्ग और समय अनिश्चित हैं । संदर्भ : माताजी के वचन (भाग -…

% दिन पहले

वाणी और क्रिया में सच्चाई

यह निश्चित है कि बिना किसी कष्ट के सत्य बोल सकने के लिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि हम…

% दिन पहले

छेदवाला सिक्का – श्रीमाँ की कहानी

पुराने जमाने में कुछ लोग सोचते थे कि एक कटे किनारों वाला सिक्का... वह ऐसा जमाना था जब सिक्कों में…

% दिन पहले