तुम्हारी श्रद्धा की तीव्रता का यह अर्थ हो सकता है कि भगवान ने यह पहले से ही निर्धारित कर रखा है कि तुम्हारी श्रद्धा जिसका निर्देश करती है वह अवश्य पूर्ण होगी। अचल श्रद्धा ‘भागवत संकल्प’ के विद्यमान होने का चिन्ह होती है और जो होने वाला है उसका प्रमाण।
संदर्भ : प्रश्न और उत्तर १९२९-१९३१
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