श्री माँ के वचन

कभी मत बुड़बुड़ाओ

कभी मत बुड़बुड़ाओ । जब तुम बुड्‌बुड़ाते हो तो तुम्हारे अन्दर सब तरह की शक्तियां घुस जाती हैं और तुम्हें…

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सचेतन अभीप्सा की अवस्था

अगर तुम सचेतन अभीप्सा की अवस्था में हो, बहुत सच्चे हो तो बस, तुम्हारें इर्द-गिर्द सारी चीज़ें, प्रत्यक्ष या परोक्ष…

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आंतरिक परिवर्तन

तुम्हें आंतरिक परिवर्तन के लिए निरन्तर अभीप्सा करनी चाहिये,  तुम्हारें अंदर यह इच्छा होनी चाहिये कि प्रकाश तुम्हारे अंधेरे भौतिक…

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निराशा से दूर रहो

जीवन की परिस्थितियां चाहे जैसी हों, तुम्हें सदैव निराशा से दूर रहने की सावधानी बरतनी चाहिये और फिर दुःखी, उदास…

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क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

सज़ा ? सज़ा से तुम्हारा क्या मतलब है? यदि एक लड़का कक्षा में शोर मचाता है और दूसरों को काम…

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सच्चा सुख कब ?

धरती पर जीवन तत्त्वतः प्रगति का क्षेत्र है लेकिन जो कुछ प्रगति करनी है उसके लिये जीवन कितना संक्षिप्त है!…

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तेरा आश्वासन

जो होना चाहिये वह होगा, जो करना ज़रूरी है वह किया जायेगा...। हे प्रभो, तूने मेरी सत्ता में कैसा निश्चल…

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प्रार्थना

तुझे प्रणाम है हे भगवान् ! हे संसार के स्वामी ! हमें ऐसी शांति दे कि हम कर्म में आसक्त…

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तुम्हारा समय बीत गया

तुम इस समय यहाँ, यानी, धरती पर इसलिए हो क्योंकि एक समय तुमने यह चुनाव किया था - अब तुम्हें…

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मिथ्यात्व

मरने से पहले, मिथ्यात्व अपनी पूरी पेंग में उठता है । अभी तक मनुष्य केवल विध्वंस के पाठ को ही…

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