ऑरोदुनिया

श्रीअरविंद और श्रीमाँ का संसार

  • परिचय
  • श्रीअरविंद के वचन
  • श्री माँ के वचन
  • श्रीअरविंद की अलौकिक कहानी
  • श्रीमाँ की अलौकिक कहानी
  • खामोश आवाजें
  • अनुभूतियाँ
ऑरोदुनिया community Create a post

ऑरोदुनिया

  1. Home
  2. श्रीअरविंद के वचन

श्रीअरविंद के वचन

Recent
  • Most Voted
  • Most Viewed
  • Most Discussed
  • Recent
  • Featured
  • Random
सतत ‘उपस्थिती’
440

सतत ‘उपस्थिती’

by श्रीअरविंद 3 घंटे ago6 घंटे ago
आत्मा का अनुगमन
340

आत्मा का अनुगमन

by श्रीअरविंद 1 दिन ago1 दिन ago
  • 960
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    श्री माँ की ओर खुले रहने का तात्पर्य

    ​श्रीमाँ की ओर खुले रहने का तात्पर्य है बराबर शांत-स्थिर और प्रसन्न बने रहना तथा दृढ़ विश्वास बनाये रखना न कि चंचल होना, दुःख करना या...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 1010
    श्रीअरविंद का चित्र
    श्रीअरविंद के वचन

    आध्यात्मिक एकत्व

    जैसे-जैसे व्यक्ति विकसित होता है, वह आध्यात्मिक स्वाधीनता की ओर बढ़ता रहता है। किन्तु यह स्वाधीनता ऐसी चीज नहीं है जो सर्व-सत्ता से पूर्ण रूप...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 1190
    अखंड भारत का नक्शा श्रीअरविंद आश्रम
    श्रीअरविंद के वचन

    भारत का मिशन

    भारत का मिशन या जीवन-लक्ष्य है मानवता को मानव-स्वातन्त्र्य, मानव-समानता, मानव-भ्रातृत्व के सच्चे उद्गम की ओर पुनः निर्देशित करना। जब मनुष्य आत्मा में स्वतन्त्र होता...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 300
    महर्षि श्रीअरविंद अपने कक्ष में
    श्रीअरविंद के वचन

    विनम्रता

    निस्संदेह, तुम (महान हुए बिना) योग कर सकते हो। महान होने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके विपरीत, विनम्रता सबसे पहली आवश्यकता है, क्योंकि जिस...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 520
    महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    श्रीअरविंद के वचन

    योग क्या है

    जो ‘सर्वोच्च है उसके साथ तुम्हारी सत्ता का सब प्रकार से एक हो जाना—यह योग है। जो अखिल है उसके साथ तुम्हारी सत्ता का सब...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 1170
    15 अगस्त 2019 दर्शन संदेश श्रीअरविंद का जन्मदिवस
    श्रीअरविंद के वचन

    ऐक्य के त्रिविध स्वरूप

    ….. ऐक्य के तीन स्वरूप हैं। एक ऐक्य तादात्म्य के द्वारा आध्यात्मिक सत्त्व में होता है; एक अन्य प्रकार का ऐक्य इस सर्वोच्च ‘सत्ता’ और...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 440
    श्रीअरविंद का चित्र
    श्रीअरविंद के वचन

    समुचित मार्ग

    (अधिकतर साधक) अहंकारी होते हैं और वे अपने अहंभाव को अनुभव या स्वीकार नहीं करते। उनकी साधना में भी ‘मैं’ का भाव हमेशा प्रत्यक्ष रूप...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 860
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    कुछ भी असंभव नहीं

    यदि चैत्य पुरुष की प्रकृति जाग्रत हो जाए, अपने पीछे विद्यमान माताजी की चेतना और शक्ति के द्वारा तुम्हारा पथ-प्रदर्शन करे तथा तुम्हारे अंदर कार्य...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 240
    श्रीअरविंद का चित्र
    श्रीअरविंद के वचन

    रूपान्तर की अवस्थाएँ

    भागवत चेतना की विभिन्न अवस्थाएँ होती हैं। रूपांतर की भी विभिन्न अवस्थाएँ होती है। पहली है, चैत्य रूपांतर, जिसमें चैत्य चेतना के द्वारा सभी कुछ...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 410
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    रोगमुक्ति करने की शक्ति

    माँ, क्या अपने अन्दर रोगमुक्त करने की क्षमता विकसित करना सम्भव है? सिद्धान्त रूप में, सचेतन रूप से दिव्य शक्ति के साथ एक होने से...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago

श्रेणियां

  • श्रीअरविंद के वचन
  • श्री माँ के वचन
  • श्रीअरविंद की अलौकिक कहानी
  • श्रीमाँ की अलौकिक कहानी
  • संस्मरण
  • अनुभूतियाँ
  • दर्शन संदेश
  • खामोश आवाजें
  • आंरोंविल
  • अन्य
3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सतत ‘उपस्थिती’

    सतत ‘उपस्थिती’

  • महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    आत्मा का अनुगमन

    आत्मा का अनुगमन

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    पूंजीवाद

    पूंजीवाद

  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

    शांति मंत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

    घर और काम में साधना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

    अपात्रता का भाव

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    दो चीज़ें

    दो चीज़ें

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

    कभी मत बुड़बुड़ाओ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आंतरिक परिवर्तन

    आंतरिक परिवर्तन

  • महर्षि श्रीअरविंद का चित्र
    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    निराशा से दूर रहो

    निराशा से दूर रहो

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ कक्षा लेते हुए
    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सच्चा सुख कब ?

    सच्चा सुख कब ?

  • श्रीमाँ का चित्र
    तेरा आश्वासन

    तेरा आश्वासन

  • श्रीअरविंद का चित्र
    आध्यात्मिक जीवन में सफलता

    आध्यात्मिक जीवन में सफलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    प्रार्थना

    प्रार्थना

© 2026 श्रीअरविंद और श्रीमाँ के चरणों में In Search of The Mother

log in

Captcha!
Forgot password?

forgot password

Back to
log in