श्रीअरविंद के वचन

भगवान पर भरोसा

मनुष्य को भगवान पर भरोसा रखना, उन पर निर्भर होना चाहिए और साथ-साथ कोई उपयुक्त बनाने वाली साधना करनी चाहिये…

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श्रद्धा को पाने का तरीका

श्रद्धा तथा बाकी सभी चीजों को पाने का तरीका बस यही है कि उन्हें पाने के लिए दढ़ाग्रह के साथ…

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ग्रहणशीलता

इस योग में सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि तुम प्रभाव के प्रति खुल सकते हो या…

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आध्यात्मिकता प्राप्त करने का अवसर

भगवान् केवल इस बात की प्रतीक्षा में हैं कि उनका ज्ञान प्राप्त किया जाये, जब कि मनुष्य उन्हें सर्वत्र अपने…

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भगवान की व्यवस्था

ऐसी आत्माएँ होती हैं जो अपने परिवेश के विरुद्ध विद्रोह करती हैं और ऐसा लगता है कि वे किसी और…

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आत्मा के प्रवेश द्वार

यदि तुम्हारें ह्रदय और तुम्हारी आत्मा में आध्यात्मिक परिवर्तन के लिए सच्ची अभीप्सा jहै, तब तुम्हें पथ और 'पथ-प्रदर्शक' दोनों…

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दो तरह के वातावरण

आश्रम में दो तरह के वातावरण हैं, हमारा तथा साधकों का। जब ऐसे व्यक्ति जिनमें अनुभूति पाने की कुछ क्षमता…

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जब मनुष्य अपने-आपको जान लेगा

.... मनुष्य का कर्म एक ऐसी चीज़ है जो कठिनाइयों और परेशानियों से भरी हुई है, यह एक ऐसे बीहड़…

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दृढ़ और निरन्तर संकल्प पर्याप्त है

अगर श्रद्धा हो , आत्म-समर्पण के लिए दृढ़ और निरन्तर संकल्प हो तो पर्याप्त है। यह तो जानी हुई बात…

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अतिमानसिकरण की कोशिश

केवल अपने लिए अतिमानस को प्राप्त करना मेरा अभिप्राय बिलकुल नहीं है-मैं अपने लिए कुछ भी नहीं कर रहा; क्योंकि…

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