आत्मा के प्रवेश द्वार

यदि तुम्हारें ह्रदय और तुम्हारी आत्मा में आध्यात्मिक परिवर्तन के लिए सच्ची अभीप्सा jहै, तब तुम्हें पथ और ‘पथ-प्रदर्शक’ दोनों मिल जायेंगे। मात्र मानसिक खोज तथा जिज्ञासा आत्मा के प्रवेश-द्वार को खोलने के लिए काफ़ी नहीं हैं।

संदर्भ : श्रीअरविंद के पत्र (भाग-२)

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