अधिकतर मनुष्यों की आध्यात्मिक उन्नति बाह्य आश्रय की, अर्थात् उनसे बाहर विद्यमान किसी श्रद्धास्पद वस्तु की अपेक्षा करती है। उन्हें…
प्रत्येक रोग स्वस्थता के किसी नवीन आनंद की ओर जाने का एक पथ है, प्रत्येक अमंगल और दुख-ताप प्रकृति का…
यदि मनुष्य जीवन को कम गंभीरतापूर्वक लें तो वे बहुत शीघ्र उसे अधिक पूर्ण बना सकेंगे। भगवान् कभी अपने कार्य…
यदि तुम निर्बलता के विचार को दूर फेंक दो तो शक्ति लौट आएगी। किन्तु प्राणमय भौतिक सत्ता में सदा ही…
उनकी कृपा का स्पर्श कठिनाई को सुयोग में, विफलता को सफलता में और दुर्बलता को अविचल बल में परिणत कर…
भगवान के तरीके मानव-मन के तरीकों जैसे नहीं है या हमारे आदर्शों के अनुरूप नहीं होते और उनके विषय में…
सभी प्रकार की आसक्ति साधना में बाधक होती है । सबके कल्याण की कामना, सब के लिए अंतरात्मा की दया…
साधना के दौरान इस तरह की थकान कई कारणों से आ सकती है : १. शरीर जितना ले सकने के…
यदि किसी को ध्यान का अभ्यास न हो तो आरम्भ में ही दीर्घकाल तक ध्यान लगाकार श्रांत होने की कोई…