मैं अत्यन्त बुद्धिशाली, श्रेष्ठ कलाकार लोगों से परिचित थी जो, जैसे ही वे "शिथिल होना" आरम्भ करते, एकदम मूढ़ बन…
जो कुछ ग्रहणशील नहीं है वह सब कुचले जाने का अनुभव करता है, लेकिन जो ग्रहणशील है वह इसके विपरीत…
विजय की प्राप्ति न केवल बलिदान से, न त्याग से, न ही निर्बलता से होती है। वह केवल ऐसे दिव्य…
(भय पर श्रीअरविन्द के एक सूत्र के बारे में बतलाते हुए श्रीमां ने कहा : ) ...उन लोगों को भी,…
मधुर मां, अन्तरात्मा की क्या भूमिका है? अन्तरात्मा के बिना तो हमारा अस्तित्व ही न होगा! अन्तरात्मा वह है…
प्रकृति में एक ऊपर उठने वाला विकास है जो पत्थर से पौधों में और पौधे से पशु में तथा पशु…
केवल दुर्बल लोग ही उत्तेजित रहते हैं, जैसे ही कोई सचमुच प्रबल बन जाता है वह शांतिपूर्ण, स्थिर, अचंचल बन…
आध्यात्मिकता शक्तियाँ अचंचलता, शांति और नीरवता में काम करती है। सारी हलचल और उत्तेजना विरोधी प्रभाव से आती है ।…
हे दिव्य और पूजनीय मां, 'तेरी' सहायता के साथ कौन-सी चीज असम्भव है? उपलब्धि का मुहूर्त निकट है और 'तूने'…
प्रकति में एक ऊपर उठने वाला विकास है जो पत्थर से पौधों में और पौधे से पशु में तथा पशु…