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श्रीअरविंद और श्रीमाँ का संसार

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श्री माँ

Posted by श्री माँ

  • 140
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ दर्शन देते हुये
    श्री माँ के वचन

    विजय प्राप्त करने का एकमात्र उपाय

    विजय की प्राप्ति ना केवल बलिदान से, न त्याग से, न ही निर्बलता से होती है। वह केवल एक ऐसे दिव्य ‘आनंद’ द्वारा मिलती है...

    श्री माँ
    by श्री माँ 8 वर्ष ago8 वर्ष ago
  • 350
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    बिना थके काम करना

    आज सवेरे मैं पाँच मिनट काम करके ही थक गया। काम था बस फ़र्निचर पर पॉलिश करना ! सभी शारीरिक कामों में कई बार शुरू...

    श्री माँ
    by श्री माँ 8 वर्ष ago8 वर्ष ago
  • 170
    श्रीमाँ का अतिसुन्दर चित्र
    श्री माँ के वचन

    विश्वास

    माताजी, २६ वर्ष प्रयास करने के बाद भी में देखता हूँ कि मैं निष्ठावान होने से बहुत दूर हूँ। छोटी-छोटी बातें मुझे असंतुलित कर देती...

    श्री माँ
    by श्री माँ 8 वर्ष ago7 वर्ष ago
  • 180
    है प्रभो, आज प्रातः तूने मुझे यह आभासन दिया हैं कि जब तक तेरा कार्य संपन्न नहीं हो जाता, तब तक तू हमारे साथ रहेगा, केवल एक चेतना के रूप में ही नहीं जो पथप्रदर्शन करती और प्रदीप्त करती हैं बल्कि कार्यरत एक गतिशील ' उपस्थिति' के रूप में भी । तूने अचूक शब्दों में वचन दिया हैं कि तेरा सर्वांश यहां विध्यमान रहेगा और पार्थिव वातावरण को तब तक न छोड़ेगा जब तक पृथ्वी का रूपान्तर नहीं हो जायेगा । वर दे कि हम इस अद्भुत 'उपस्थिति' के योग्य बन सकें, अब सें हमारे अन्दर की प्रत्येक वस्तु तेरे उदात्त कार्य को पूर्ण करने हेतु अधिकाधिक परिपूर्णता से समर्पित होने के एकमात्र संकल्प पर एकाग्र हो । -श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    श्रीअरविंद का शरीर त्याग

    श्रीअरविंद ने अपना शरीर परम निस्वार्थता की क्रिया में त्यागा है। उन्होने अपने शरीर की उपलब्धियों को इसलिए त्यागा कि सामूहिक उपलब्धि का मुहूर्त आ...

    श्री माँ
    by श्री माँ 8 वर्ष ago8 वर्ष ago
  • 150
    श्रीअरविंद और श्रीमाँ के दर्शन
    श्री माँ के वचन

    वे और मैं

    मैं तो सिर्फ उस सबको कार्यान्वित कर रही हूँ जिसे उन्होने ध्यानस्थ और हृदयस्थ किया । मैं तो मात्र मुख्य-क्रिया-केंद्र हूँ और उनके कार्य की...

    श्री माँ
    by श्री माँ 8 वर्ष ago8 वर्ष ago
  • 270
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सावधान रहा करो

    मेरे नाम से तुम्हें जो कुछ सुनाया जाता है उसके बारे में सावधान रहा करो। वह बात जिस भाव से कही जाती है वह गुम...

    श्री माँ
    by श्री माँ 8 वर्ष ago8 वर्ष ago
  • 220
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    मृत्यु से बचने का उपाय

    अगर तुम मृत्यु से बच निकालना चाहते हो तो तुम्हें अपने-आपको किसी भी नश्वर वस्तु से न बांधना चाहिये। तुम केवल उसी को जीत सकते...

    श्री माँ
    by श्री माँ 8 वर्ष ago8 वर्ष ago
  • 200
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ अपने कक्ष में
    श्री माँ के वचन

    भौतिक जीवन

    अपने भौतिक जीवन से संतोष की कोई आशा न करो और तुम उसके साथ बंधे न रहोगे । संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-२)

    श्री माँ
    by श्री माँ 8 वर्ष ago8 वर्ष ago
  • 230
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    स्वाधीनता

    स्वाधीनता बाहरी परिस्थितियों से नहीं बल्कि आन्तरिक मुक्ति से आती है । अपनी आत्मा को पहचानो, उसके साथ एक हो जाओ , वह तुम्हारें जीवन...

    श्री माँ
    by श्री माँ 8 वर्ष ago8 वर्ष ago
  • 210
    महर्षि श्रीअरविंद का अंतिम दर्शन
    श्री माँ के वचन

    तुम्हारा ऋण

    तुम्हारे प्रति जो हमारे प्रभु के भौतिक आवरण रहे हो, तुम्हारे प्रति हम असीम कृतज्ञता प्रकट करते हैं। तुमने हमारे लिए इतना कुछ किया, हमारे...

    श्री माँ
    by श्री माँ 8 वर्ष ago8 वर्ष ago

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
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    सत्य की शक्ति

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ जापान में
    वर्षों का भार

    वर्षों का भार

  • श्रीमाँ का चित्र
    सच्ची पराजय

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    कुछ भी असंभव नहीं

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    माताजी की ओर खुलना

    माताजी की ओर खुलना

  • महर्षि श्रीअरविंद अपने कक्ष में
    विनम्रता

    विनम्रता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    विनम्र बनने का गलत तरीका

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    मैं तुम्हारे साथ हूं

    मैं तुम्हारे साथ हूं

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सतत ‘उपस्थिती’

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  • महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    आत्मा का अनुगमन

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    पूंजीवाद

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  • स्थायी अचंचलता

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

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    अपात्रता का भाव

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    दो चीज़ें

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

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