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श्रीअरविंद और श्रीमाँ का संसार

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श्री माँ

Posted by श्री माँ

  • 150
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    अनमोल उपहार

    किसी बच्चे को देने-लायक़ सबसे अनमोल उपहार है उसमें सीखने के लिए ललक पैदा करना, हमेशा और हर जगह सीखते रहना। संदर्भ : शिक्षा के...

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 वर्ष ago7 वर्ष ago
  • 650
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ अपने कक्ष में
    श्री माँ के वचन

    परम ज्योति

    पूर्ण अचेतनता नाम की कोई चीज़ नहीं है – नितान्त अज्ञान जैसी, निपट रात जैसी कोई चीज़ नहीं। समस्त अवचेतनता के पीछे, समस्त अज्ञान के...

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 वर्ष ago7 वर्ष ago
  • 150
    No Words Act by The Mother
    श्री माँ के वचन

    कथनी नहीं

    कथनी नहीं – करनी । संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-२)

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 वर्ष ago7 वर्ष ago
  • 240
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    काम करने का सही तरीक़ा

    काम में व्यवस्था और सामंजस्य होने चाहियें। जो काम यूँ देखने में बिलकुल नगण्य हो उसे भी पूर्ण पूर्णता के साथ, सफ़ाई, सुंदरता, सामंजस्य और...

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 वर्ष ago7 वर्ष ago
  • 680
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    भगवान के प्रति उत्सर्ग

    मधुर माँ,     आपने बहुत बार कहा है कि हमारे क्रिया-कलाप भगवान के प्रति उत्सर्ग होने चाहियें । इसका ठीक-ठीक अर्थ क्या है और...

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 वर्ष ago7 वर्ष ago
  • 800
    दर्शन संदेश 1 जनवरी २०१९
    दर्शन संदेश

    दर्शन संदेश १ जनवरी २०१९ : नव वर्ष संदेश

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 वर्ष ago7 वर्ष ago
  • 430
    तुम्हारे प्रति जो हमारे प्रभु के भौतिक आवरण रहे हो, तुम्हारे प्रति हमारा असीम आभार है । तुमने हमारे लिए इतना कुछ किया, हमारे लिए कर्म किया, संघर्ष किये, कष्ट झेले, आशा की, इतना सहन किया, तुमने हम सबके लिए संकल्प किये, प्रयत्न किये, तैयार किया, हमारे लिए सब कुछ प्राप्त किया, तुम्हारे आगे हम नतमस्तक हैं और यह प्रार्थना करते हैं कि हम एक क्षण के लिए भी कभी तुम्हारे ऋण को न भूलें ।-श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    श्रीअरविंद का शरीर

    जब मैंने उनसे (८ दिसम्बर १९५०) को अपने शरीर को पुनर्जीवित करने के लिए कहा, तो उन्होने स्पष्ट उत्तर दिया : “मैंने जान-बूझकर यह शरीर...

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 वर्ष ago7 वर्ष ago
  • 1040
    दर्शन संदेश १७ नवम्बर २०१८
    दर्शन संदेश

    दर्शन संदेश १७ नवंबर २०१८

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 वर्ष ago7 वर्ष ago
  • 350
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    रात की यादें

    यदि मस्तिष्क सर्वदा काम करता रहता है तो रात भर में जो कुछ घटित होता है वह हमें क्यों नहीं याद रहता ? क्योंकि चेतना...

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 वर्ष ago7 वर्ष ago
  • 480
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    मन की कट्टरता

    आध्यात्मिक भाव पूजा, भक्ति और निवेदन के धार्मिक भाव के विपरीत नहीं है, धर्म में जो गलत है वह है मन की कट्टरता जो किसी...

    श्री माँ
    by श्री माँ 7 वर्ष ago7 वर्ष ago

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
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    सत्य की शक्ति

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ जापान में
    वर्षों का भार

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  • श्रीमाँ का चित्र
    सच्ची पराजय

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    कुछ भी असंभव नहीं

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    माताजी की ओर खुलना

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  • महर्षि श्रीअरविंद अपने कक्ष में
    विनम्रता

    विनम्रता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    विनम्र बनने का गलत तरीका

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    मैं तुम्हारे साथ हूं

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सतत ‘उपस्थिती’

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  • महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    आत्मा का अनुगमन

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    पूंजीवाद

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  • स्थायी अचंचलता

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    दो चीज़ें

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

    कभी मत बुड़बुड़ाओ

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