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श्रीअरविंद और श्रीमाँ का संसार

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श्री माँ

Posted by श्री माँ

  • 810
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    आध्यात्मिक जीवन कैसे जिया जाये

    …. आध्यात्मिक जीवन जीने का अर्थ है अपने अन्दर दूसरे जगत के प्रति खुलना। यह मानों अपनी चेतना को उलटना है। साधारण मानव- चेतना, यहां...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 320
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    भारत की भूमिका

    वर्तमान राजनीति में भारत को क्या कोई विशेष भूमिका निभानी है ? . . . भारत को जगत में एक भूमिका निभानी है । लेकिन...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 430
    Sri Aurobindo Ashram
    श्री माँ के वचन

    विरोधी शक्तियों का अस्तित्व

    विरोधी शक्तियों को संसार में इसीलिए सहा जाता है क्योंकि वे मनुष्य की सच्चाई की परख करती हैं। जिस दिन मनुष्य पूरी तरह सच्चा हो...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 620
    बाल्कनी श्रीअरविंद आश्रम पुडुचेरी
    श्री माँ के वचन

    परम शान्ति

    भगवान् के बाहर सब कुछ मिथ्या, भ्रान्ति और दुःखपूर्ण अंधकार है। भगवान् में हैं जीवन, प्रकाश और आनन्द । भगवान् के अन्दर ही परम शान्ति...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 400
    श्री माँ का चित्र
    श्री माँ के वचन

    बाहर निकलो 

      ​सच्ची बुद्धि पाने के लिए अपने मन से बाहर निकलो । सच्ची अनुभूति पाने के लिए संवेदनों से बाहर निकलो । सच्ची क्रियाशीलता पाने...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 680
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    दो शर्तें

    यदि तुम रोग मुक्त होना चाहते हो तब दो शर्तें हैं। पहला, तुम्हें भय से मुक्त होना होगा, नितान्त निर्भीक, समझते हो न ! और...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 670
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    दुखों से छुटकारा

    भगवान के प्रति सच्चे और निष्कपट निवेदन में ही हम अपने अति-मानवीय दुखों से छुटकारा पा सकते हैं । संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-२)

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 500
    श्री माताजी का दिव्य स्वरूप
    श्री माँ के वचन

    मेरी प्रतिमा 

    ​लोग मुझसे नहीं, मेरे बारे में अपने ही बनाये हुए मानसिक और प्राणिक रूप से प्रेम करते हैं। मुझे इस तथ्य का अधिकाधिक सामना करना...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    उदारता

    . . .  मैं यहाँ भौतिक उदारता की चर्चा नहीं करूँगी जिसका स्वाभाविक स्वरूप है अपने पास जो कुछ हो उसे दूसरों को देना। परंतु...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 410
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    भागवत कृपा

    ​’भागवत कृपा’ कार्य करने के लिए हमेशा मौजूद है लेकिन तुम्हें उसे कार्य करने देना चाहिये, उसकी क्रिया का प्रतिरोध नहीं करना चाहिये। एकमात्र आवश्यक...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
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    सच्ची पराजय

    सच्ची पराजय

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    कुछ भी असंभव नहीं

    कुछ भी असंभव नहीं

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    माताजी की ओर खुलना

    माताजी की ओर खुलना

  • महर्षि श्रीअरविंद अपने कक्ष में
    विनम्रता

    विनम्रता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    विनम्र बनने का गलत तरीका

    विनम्र बनने का गलत तरीका

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    मैं तुम्हारे साथ हूं

    मैं तुम्हारे साथ हूं

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सतत ‘उपस्थिती’

    सतत ‘उपस्थिती’

  • महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    आत्मा का अनुगमन

    आत्मा का अनुगमन

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    पूंजीवाद

    पूंजीवाद

  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

    शांति मंत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

    घर और काम में साधना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

    अपात्रता का भाव

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    दो चीज़ें

    दो चीज़ें

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

    कभी मत बुड़बुड़ाओ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आंतरिक परिवर्तन

    आंतरिक परिवर्तन

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