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श्रीअरविंद और श्रीमाँ का संसार

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श्री माँ

Posted by श्री माँ

  • 540
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ मीरा अल्फ़ासा का बहुत सुंदर चित्र
    श्री माँ के वचन

    श्रद्धा और भरोसा का अन्तर

    भगवान पर श्रद्धा रखने और भरोसा करनें में क्या अन्तर है ? जैसा कि श्रीअरविंद ने लिखा है, श्रद्धा भरोसे से अधिक, कही अधिक पूर्ण...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 590
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    मानव मूल्यांकन

    [कप्तान (खेल-कूद के प्रशिक्षण) के चरित्र के बारे में किसी की टिप्पणी के विषय में ] लोग जो कुछ कहते हैं उसका महत्व नहीं होता,...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 710
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    समस्त क्रिया कलापों का उत्सर्ग

    मधुर माँ, आपने बहुत बार कहा है कि हमारे क्रिया कलाप भगवान के प्रति उत्सर्ग होने चाहियें। इसका ठीक-ठीक अर्थ क्या है और कैसे किया...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 810
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    स्वतंत्र सत्ता

    हर के के अन्दर अपने अहंकार होते हैं और सभी अहंकार एक-दूसरे से टकराते रहते हैं। आदमी स्वतंत्र सत्ता तभी बन सकता है जब वह...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 230
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    आर्थिक समस्या का समाधान

    क्या चेतना के सुधार से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति सुस्थिर हो जाती है? यदि “चेतना के सुधार” का मतलब है बढ़ी हुई, विशालतर चेतना, उसकी...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 870
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ का चित्र
    श्री माँ के वचन

    गुफा की साधना

    मैं नहीं मानती की गुफा की साधना आसान हे-केवल, वहां कपट छिपा रहता है जबकि क्रियाकलाप और जीवन में वह प्रकट हो जाता है ।...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 510
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ अपने पुत्र आन्द्रे के साथ
    श्री माँ के वचन

    रूपांतर

    बाहर के सारे शोर को चुप कर दो, भगवान की सहायता के लिए अभीप्सा करो। जब वह आये तो उसकी और पूर्ण रूप से खुलो...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 630
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    चैत्य पुरुष

    जो चीज़ योग करने का संकल्प करती है वह तुम्हारा शरीर या तुम्हारा प्राण, यहाँ तक कि तुम्हारा मन भी नहीं है, वह तुम्हारें मन...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 540
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सत्य

    सत्य लकीर की तरह नहीं सर्वांगीण है, वह उत्तरोत्तर नहीं बल्कि समकालिक है। अतः उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता : उसे जीना...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 310
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    हृदय

    भगवान हमेशा तुम्हारें हृदय में आसीन होते हैं , सचेतन रूप से जीवित रहते है । संदर्भ : माताजी के वचन (भाग -२)

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    माताजी की ओर खुलना

    माताजी की ओर खुलना

  • महर्षि श्रीअरविंद अपने कक्ष में
    विनम्रता

    विनम्रता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    विनम्र बनने का गलत तरीका

    विनम्र बनने का गलत तरीका

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    मैं तुम्हारे साथ हूं

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सतत ‘उपस्थिती’

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  • महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    आत्मा का अनुगमन

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    पूंजीवाद

    पूंजीवाद

  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

    घर और काम में साधना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

    अपात्रता का भाव

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    दो चीज़ें

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

    कभी मत बुड़बुड़ाओ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आंतरिक परिवर्तन

    आंतरिक परिवर्तन

  • महर्षि श्रीअरविंद का चित्र
    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    निराशा से दूर रहो

    निराशा से दूर रहो

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