अचंचलता और प्रकाश का अनुभव
तुम जिस अचंचलता और प्रकाश के अवतरण का अनुभव कर रहे हो वह इस बात का चिन्ह है कि तुम्हारे अन्दर साधना सचमुच शुरू हो...
तुम जिस अचंचलता और प्रकाश के अवतरण का अनुभव कर रहे हो वह इस बात का चिन्ह है कि तुम्हारे अन्दर साधना सचमुच शुरू हो...
माँ, मुझे लगता है कि मैं सब कुछ खो बैठी हूँ। मेरे अंदर जो कुछ अच्छा था, सब खो गया। पहले मैं हमेशा यह अनुभव...
जीवन की सभी परिस्थितियों की व्यवस्था हमें यह सिखाने के लिए की गयी है कि मन से परे, भागवत कृपा में विश्वास ही हमें सभी...
उदार हृदय हमेशा पुराने दुर्व्यवहारों को भूल जाता है और दुबारा सामंजस्य लाने के लिए तैयार रहता है। आओ, हम सब उसको भूल जाएँ जो...
भगवान के प्रति आज्ञाकारिता में सरलता के साथ सच्चे रहो – यह तुम्हें रूपांतर के मार्ग पर दूर तक ले जायेगा। संदर्भ : माताजी के...
सच्चा ध्यान क्या है ? वह भागवत उपस्थिती पर संकल्प के साथ सक्रिय रूप से की गयी एकाग्रता है और उस परम सद्वस्तु का सतत,...
स्वयं मुझे यह अनुभव है कि तुम शारीरिक रूप से, अपने हाथों से काम करते हुए भी पूरी तरह ध्यानस्थ और भगवान के साथ एक्य...
मधुर माँ, जब श्रीअरविंद चेतना के परिवर्तन की बात करते हैं तो उनका अर्थ क्या होता है ? सामान्य अज्ञानभरी मानव चेतना से निकल कर...
आज हमारी शिक्षा कौन – से दोषों और भ्रांतियों का शिकार है ? हम उनसे कैसे बच सकते हैं ? १ . सफलता, आजीविका और...
यदि सचमुच में हम, ठीक से जान सकें जीवन के उत्सव के हर विवरण को, भौतिक जीवन में प्रभु की पूजा को, तो यह आश्चर्य...