अतिमानस का द्वार
केवल अपने लिए अतिमानस को प्राप्त करना मेरा अभिप्राय बिल्कुल नहीं है – मैं अपने लिए कुछ भी नहीं कर रहा; क्योंकि मुझे अपने लिए...
केवल अपने लिए अतिमानस को प्राप्त करना मेरा अभिप्राय बिल्कुल नहीं है – मैं अपने लिए कुछ भी नहीं कर रहा; क्योंकि मुझे अपने लिए...
मधुर माँ , जल्दी सोना और जल्दी उठना क्यों ज्यादा अच्छा है ? सूर्यास्त के समय एक तरह की शांति धरती पर उतरती है और...
परम प्रभु के लिये पाप का अस्तित्व ही नहीं है – सभी दोष सच्ची अभिप्सा और रूपांतर द्वारा मिटाए जा सकते हैं। तुम जिस चीज़...
हमेशा अहंकार अवसाद में डूब जाता है । उसकी परवाह न करो। चुपके से अपना काम करते चलो तो अवसाद ग़ायब हो जायेगा । संदर्भ...
भगवान मुझसे क्या चाहते हैं ? वे चाहते हैं कि पहले तुम अपने-आपको पा लो, कि तुम अपनी सच्ची सत्ता, अपनी चैत्य सत्ता के द्वारा...
मैं रो रहा हूँ। न जाने क्यों । मन करें तो रो लो। परंतु चिंता मत करो। वर्षा के बाद सूर्य ज़्यादा तेजी से चमकता...
जो लोग इस कारण यातना भोगते हैं कि उन्हें किसी तथाकथित संन्यासी से परिचित होने का दुर्भाग्य प्राप्त हुआ था, उनकी संख्या प्रचुर है, प्रचुर।...
तुम दुःखी, बहुत उदास, निरुत्साहित और अप्रसन्न हो जाते हो : “आज चीज़ें अनुकूल नहीं है। वे कल जैसी नहीं हैं, कल वे कितनी अद्भुत...
जब कोई भूल हो तो उसका हमेशा प्रगति करने के लिए उपयोग करना चाहिये, एक बार आवश्यक परिवर्तन हो जाये तो भूल और उसके कारण...
मैं तुम्हें एक चीज की सलाह देना चाहती हूँ। अपनी प्रगति की इच्छा तथा उपलब्धि की अभीप्सा में इसका ध्यान रखो कि कभी शक्तियों को...