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श्रीअरविंद और श्रीमाँ का संसार

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श्रीअरविंद

Posted by श्रीअरविंद

  • 480
    श्रीअरविंद का चित्र
    श्रीअरविंद के वचन

    योग क्या है

    भगवान के साथ सम्बंध स्थापित करना योग है, परम आनंद है तथा श्रेष्ठतम उपयोगिता है। मानवता की पहुँच के अंदर हम लोगों ने भगवान के...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 200
    महाप्रभु श्रीअरविंद
    श्रीअरविंद के वचन

    जन्म का चमत्कार

    मैंने देखा मेरी आत्मा है एक यात्री , काल के आर-पार ; जीवन, प्रति जीवन करती ब्रह्मांड-पथ पर पद-सञ्चार, अतलान्तों में प्रछन्न और शिखरों पर...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 140
    महायोगी महर्षि श्रीअरविंद
    श्रीअरविंद के वचन

    पवित्रता

    जो जीव नग्न और लज्जाविहीन होता है केवल वही पवित्र और निर्दोष हो सकता है, ठीक जैसे कि मानवता के आदिम बगीचे में आदम था।...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 740
    महायोगी महर्षि श्रीअरविंद का चित्र
    श्रीअरविंद के वचन

    अंदर का ज्ञान

    जब हमारे अंदर का ज्ञान नया होता है तब वह अजेय होता है; जब वह पुराना हो जाता है तब वह अपना गुण खो देता...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 350
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ और चम्पकलाल
    श्रीअरविंद के वचन

    कैसे खुला जाये ?

    भगवती माँ की और कैसे खुला जाये ? शांत मन में श्रद्धा और समर्पण द्वारा । संदर्भ : माताजी के विषय में 

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 420
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    चैत्य पुरुष

    यदि चैत्य पुरुष प्रकट हो तो वह तुमसे अपने प्रति नहीं, बल्कि माताजी के प्रति आत्मसमर्पण करने को कहेगा। संदर्भ : माताजी के विषय में 

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 460
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    भोजन अर्पण करने का तात्पर्य

    ‘मातृवाणी’ में आये हुए इस वाक्य से माताजी का क्या मतलब है : “जब तुम खाते हो तब तुम्हें यह अवश्य अनुभव करना चाहिये कि...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 470
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    माताजी की शक्ति

    माताजी की शक्ति शरीर में पूर्ण रूप से कार्य करे इसके लिये यह आवश्यक है कि केवल मन में ही नहीं स्वयं शरीर में भी...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ दर्शन देते हुये
    श्रीअरविंद के वचन

    आश्रम में रहना पर्याप्त नहीं

    नहीं, आश्रम में रहना पर्याप्त नहीं है – व्यक्ति को श्रीमाँ के प्रति उद्घाटित होना होगा और उस कीचड को अपने ऊपर से साफ करना...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 270
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    विजय का आश्वासन

    इस विषय में निस्संदिग्ध रहो कि तुम्हें इस पथ पर ले जाने के लिये माताजी सदा तुम्हारें साथ रहेगी। कठिनाइयाँ आती हैं और चली जाती...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    मैं तुम्हारे साथ हूं

    मैं तुम्हारे साथ हूं

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    सतत ‘उपस्थिती’

    सतत ‘उपस्थिती’

  • महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    आत्मा का अनुगमन

    आत्मा का अनुगमन

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    पूंजीवाद

    पूंजीवाद

  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

    शांति मंत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

    घर और काम में साधना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

    अपात्रता का भाव

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    दो चीज़ें

    दो चीज़ें

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

    कभी मत बुड़बुड़ाओ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आंतरिक परिवर्तन

    आंतरिक परिवर्तन

  • महर्षि श्रीअरविंद का चित्र
    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    निराशा से दूर रहो

    निराशा से दूर रहो

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ कक्षा लेते हुए
    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सच्चा सुख कब ?

    सच्चा सुख कब ?

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    तेरा आश्वासन

    तेरा आश्वासन

  • श्रीअरविंद का चित्र
    आध्यात्मिक जीवन में सफलता

    आध्यात्मिक जीवन में सफलता

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