डर का कारण

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मधुर माँ , हमें डर क्यों लगता है, डर कहाँ से आता है ?   उ.) भय विरोधी शक्तियों की…

विनोदप्रियता

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आध्यात्मिक पूर्णता में क्या विनोदप्रियता का कोई स्थान है ? अगर कोई सिद्ध कभी नहीं हँसता तो वह उसकी अपूर्णता…

अतिमानस की स्थायी उपस्थिती

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जब अतिमानसिक दैहिक मन में अभिव्यक्त होगा, केवल तभी उसकी उपस्थिती स्थायी हो सकती है । संदर्भ : माताजी के…

दुश्मन को तहस-नहस

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आत्मविश्वास से और भगवान् पर श्रद्धा से भरी हंसी दुश्मन को सबसे अधिक तहस-नहस कर देने वाली शक्ति है - वह…

प्रार्थना

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हे प्रभों, तू मेरा आश्रय और मेरा वरदान है, मेरा बल, मेरा स्वस्थ्य, मेरी आशा और मेरा साहस है ।…

ज्योतिषियों की बात

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तुम ज्योतिषियों की बात पर विश्वास ही क्यों करते हो ? यह विश्वास ही मुश्किल लाता है ।   श्रीअरविन्द कहते हैं कि मनुष्य अपने…

प्रेम करने का अर्थ

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जब तुम अपना प्रेम किसी और मनुष्य को देते हो तो प्राय: पहली भूल यह होती है कि तुम उस…

भगवान क्या चाहते हैं…

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तुम क्या चाहते हो इसे तुम्हें अलग रख देना होगा, और यह जानने की इच्छा करनी होगी कि भगवान क्या…

श्रीकृष्ण में निवास

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श्रीकृष्ण में निवास करने पर शत्रुता भी प्रेम की ही एक क्रीडा तथा भाइयों का मल्ल्युद्ध बन जाती है ।…

सदा सही काम

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तुम सदा सही काम कर सको इसके लिए यदि तुम बहुत अधिक चाहते हो कि तुम्हें चेतना मिले और इसके…