इस समर्पण-मार्ग को यदि तुम पूर्ण रूप से और सच्चाई के साथ अपना लो तो कोई गम्भीर कठिनाई या कोई…
मधुर माँ, अंतरात्मा की क्या भूमिका है ? अंतरात्मा के बिना तो हमारा अस्तित्व ही न होगा ! अंतरात्मा वह…
लोग अपनी नियति के बारे में रोते-धोते रहते हैं और अनुभव करते हैं कि अगर अन्य लोग और चीजें बदल…
अपने-आपको अपने-आपसे बड़े के हाथों में पूरी तरह दे देने से बढ़ कर पूर्ण और कोई आनंद नहीं है। 'भगवान',…
दूसरे धर्म अधिक प्रचलित रूप से श्रद्धा और व्रतदीक्षा के धर्म हैं, किन्तु 'सनातन धर्म' स्वयं जीवन है; यह एक…
अनुकम्पा क्षमा, दया का पर्याय है। यह बल और दयालुता से भरपूर दया है, ऐसी दया जो भूलों का परिमार्जन…
तुम माँ के बच्चे हो और माँ का अपने बच्चों के प्रति प्रेम असीम होता है, और वे उनके स्वभाव…
जो 'सत्य' की सेवा करने के लिए जीता है उस पर बाह्य परिस्थितियों का कोई असर नहीं होता। संदर्भ :…
श्रीअरविंद ने , सामूहिक सिद्धि के मुहूर्त को शीघ्र लाने के लिए, अपनी देह की सिद्धि का परित्याग कर, परम…
किसी भी वस्तु को, कहीं भी, अपने सत्ता के सत्य को अस्वीकार न करने दो : यही निष्कपटता है ।…