मधुर माँ, जब श्रीअरविंद चेतना के परिवर्तन की बात करते हैं तो उनका अर्थ क्या होता है ? सामान्य अज्ञानभरी…
आज हमारी शिक्षा कौन - से दोषों और भ्रांतियों का शिकार है ? हम उनसे कैसे बच सकते हैं ?…
यदि सचमुच में हम, ठीक से जान सकें जीवन के उत्सव के हर विवरण को, भौतिक जीवन में प्रभु की…
अहंकार उसके बारे में सोचता है जो उसके पास नहीं है और जिसे वह चाहता है। यही उसका निरन्तर मुख्य…
ऐसा लगता है कि तुम्हारें अन्दर पुकार उठी है और संभवतः तुम योग करने के लिए उपयुक्त हो; लेकिन योग…
भागवत कृपा मौजूद है - अपने द्वार खोलो और उसका स्वागत करो। मेरे प्रेम और आशीर्वाद सहित । संदर्भ :…
जो विफलता और अपूर्णता की निंदा करता है वह भगवान की निंदा कर रहा है; वह अपनी ही आत्मा को…
मधुर माँ, आप अपने 'वार्तालाप' में कहती हैं कि हमें सच्ची आध्यात्मिक अनुभूति पाने के लिए डुबकी लगानी चाहिये। क्या…
मधुर माँ, हम मन की एकाग्रता और इच्छा-शक्ति को कैसे बढ़ा सकते हैं? कुछ भी करने के लिए वे बहुत…