कृष्ण कौन है ?

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कृष्ण वैश्व भगवान् और अन्तरस्थ भगवान् दोनों का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम उनसे अपनी सत्ता के अन्दर भी मिल सकते…

सत्य सेवा

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हे प्रभु ! आज प्रातःकाल जैसे ही मैंने इस प्रारंभ होने वाले मास की ओर दृष्टि डाली और अपने-आपसे पूछा…

बस तुम्हारा एक ही काम

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बस तुम्हारा काम है अभीप्सा करना, अपने-आपको श्रीमां की ओर खुला रखना, जो भी चीजें उनकी इच्छा के विरुद्ध हैं…

मृत्यु पर ..

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(किसी की मृत्यु पर) जो हो चुका है उसे अब तुम्हें यह मान कर बहुत शान्ति से स्वीकारना होगा कि…

भय

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भय एक अपवित्रता है, सबसे बड़ी अपवित्रताओं में से एक, उनमें से एक जो उन भगवद्विरोधी शक्तियों के अत्यंत प्रत्यक्ष…

प्रफुल्लता

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किसी वर्षाप्रधान देश के एक बड़े शहर में एक दिन तीसरे पहर मैंने सात-आठ गाड़ियां बच्चों से भरी देखीं। वे…

जीवन का एक लघु आकार

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साधक को क्या होना चाहिये इसके बारे में मैं तुम्हारे भावों की क़दर करती हूँ और उस दृष्टिकोण से, तुम…

स्वर्णिम प्रकाश : श्रीअरविंद की कविता

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तेरे स्वर्णिम प्रकाश का मेरे मस्तिष्क में हुआ अवतरण और मन के धुंधले कक्ष हो गये सूर्यायित प्रज्ञा के तान्त्रिक…

हर क्षण नवीन

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हर क्षण सभी अनपेक्षित, अप्रत्याशित और अज्ञात हमारे सामने होता है, हर क्षण विश्व अपने प्रत्येक भाग में और अपनी…