दर्शन सन्देश १५ अगस्त २०२२ (१/३)
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हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
मधुर माँ , यहाँ अपने कमरे में बैठ कर ध्यान करने और सबके साथ खेल…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…
भगवान के सिवा कभी किसी दूसरे मनुष्य या दूसरी वस्तु पर, वह चाहे जो हो…
तुम माँ के बच्चे हो और माँ का अपने बच्चों के प्रति प्रेम असीम होता…
यदि अच्छी कामनाएँ हैं तो बुरी कामनाएँ भी आयेंगी। संकल्प और अभीप्सा तो साधना के…