जब ड़र लगे तब व्यक्ति को क्या करना चाहिये ?
यह इस पर निर्भर करता है कि तुम कौन हो ? डर दूर करने के कई तरीके हैं । …
अगर तुम्हारें अंदर सरल श्रद्धा है और तुम भगवान के प्रति निवेदित हो तो एक बहुत सरल-सा उपाय है। वह यह है, यूं कहो : “तुम्हारी इच्छा पूर्ण हो। मुझे कोई चीज़ डरा नहीं सकती क्योंकि तुम्ही मेरे जीवन को रास्ता दिखा रहे हो। मैं तुम्हारा हूँ और तुम ही मेरे जीवन का मार्गदर्शन कर रहे हो। ” यह बात तुरंत क्रिया करती है । सभी उपायों में यह उपाय सबसे बढ़ कर प्रभावशाली है : वास्तव में है। यानि, व्यक्ति को सचमुच भगवान के प्रति निवेदित होना चाहिये। यह हो तो तुरंत क्रिया होती है । सारा भय सपने की तरह तुरंत गायब हो जाती है। तुम्हें उसे पूरी तेजी के साथ दौड़ते हुये देखना चाहिये, पट ,पट, पट !
संदर्भ : प्रश्न और उत्तर १९५३
उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…
भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…
यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…
जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…
हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर 'अनन्तता' के…