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हिंसा का साधन

किसी उद्देश्य की विजय के लिए हिंसा कभी भी बहुत अच्छा साधन नहीं होती। कोई अन्याय द्वारा न्याय, घृणा द्वारा सामंजस्य प्राप्त करने की आशा कैसे कर सकता है ?

संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-३)

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