सफ़ेद ज्योति श्रीमाँ की ज्योति है। जहां कहीं वह उतरती है या प्रवेश करती है वही वह शांति, पवित्रता, निश्चलता-नीरवता ले आती है और उच्चतर शक्तियों के प्रति उद्घाटित करती है । अगर यह नाभि-केंद्र के नीचे आती है तो उसका यह अर्थ होता है कि वह निम्नतर प्राण में कार्य कर रही है ।
संदर्भ : माताजी के विषय में
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…